Thursday, April 25, 2024
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Valentine’s Day Special : किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है इन नेताओं की Love Story, अपने प्यार को पाने के लिए पार कर दी थीं सारी हदें

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Valentine’s Day Special : वैसे तो प्यार के लिए कोई भी दिन, महीना, साल हमेशा खास होता है, जब उसका पाटर्नर उसके साथ हो। लेकिन फरवरी महीने की बात की जाए तो इसका एक सप्ताह प्रेमी जोड़ों के लिए काफी स्पेशल माना जाता है। खासकर 14 फरवरी यानी वेंलेनटाइन डे (Valentine’s Day) का दिन, ऐसे में आज इस खास दिन पर हम आपको देश की उन सियासी हस्तियों की लव स्टोरी के बारे में बताएंगे जिनकी प्रेम कहानी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है, इन्होंने अपने प्यार को पाने के लिए सारी हदें पार कर दी थीं। तो आइए जानते है इनकी दिलचस्प प्रेम कहानी के बारे में…

जानें इन नेताओं की प्रेम कहानी

अखिलेश यादव और डिंपल यादव की लव स्टोरी

सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और उनकी पत्नी डिंपल यादव की प्रेम कहानी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है। दोनों की मुलाकात उस वक्त हुई थी जब अखिलेश यादव इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। एक कॉमन फ्रेंड के जरिए इनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद दोनों दोस्त बन गए और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद भी अखिलेश डिंपल के संपर्क में रहे। दोनों एक दूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे अखिलेश अक्सर आस्ट्रेलिया से डिंपल को कार्ड और लव-लेटर भेजते रहते थे, लोकिन शादी के लिए अखिलेश और डिंपल दोनों को अपने-अपने घरवालों को मनाने के लिए खूब पापड़ भी बेलने पड़े थे।

यह भी पढ़ें- Valentine’s Week Special : कहानी ऐसे Love Birds की जिन्होंने दुनिया को बताया, प्यार का मतलब बाहरी सुंदरता नहीं बल्कि दो आत्माओं का मिलन है…

कहा जाता है कि मुलायम सिंह को पहले डिंपल यादव पसंद नहीं थी, इसकी वजह ये थी कि उस समय जातिवादी राजनीति चरम पर थी और डिंपल राजपूत थीं। वहीं दूसरी तरफ डिंपल के पिता आर्मी में थे वो भी इस रिश्ते से खुश नहीं थे। मुलायम सिंह की नाराजगी के बीच भी अखिलेश यादव अड़े रहे, जिसके बाद पिता को बेटे के प्यार के आगे झुकना पड़ा और आखिरकार मुलायम सिंह यादव और डिंपल के पिता दोनों शादी को राजी हो गए और 24 नवंबर 1999 को अखिलेश-डिंपल शादी के बंधन में बंध गए।

स्मृति ईरानी और जुबिन की लव स्टोरी

सास भी कभी बहू’ के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी (Smriti Irani) एक सफल नेता बन चुकी हैं ईरानी बनने पहले बीजेपी नेता का नाम स्मृति मल्होत्रा था। स्मृति ईरानी ने अपने दोस्त के पति से शादी की है। जब वो मुंबई अपनी पहचान बनाने आई थी। पैसों की तंगी होने पर वो एक रेस्त्रां में काम करने लगीं। इस दौरान उनकी एक दोस्त बनी जिसका नाम मोना ईरानी था, जो काफी अमीर थी। कहा जाता है जब स्मृति ईरानी के पास पैसे नहीं थे तो मोना उन्हें अपने घर ले आई थी। यहां पर उनकी मुलाकात जुबिन ईरानी से हुई। जुबिन मोना के पति थे। जुबिन और स्मृति एक दूसरे को पसंद करने लगे थे, दोनों जब बेहद करीब आ गये तो जुबिन ने मोना को तलाक देने का फैसला लिया।

स्मृति ईरानी ने जुबिन के साथ रिश्ते को छिपाया नहीं बल्कि अपने परिवार को बता दिया था। वहीं जुबिन ने भी अपनी मां को रिश्ता लेकर स्मृति ईरानी के घर भेजा। इसके बाद दोनों की शादी की बात पक्की हो गई। जुबिन ने मोना को तलाक देककर साल 2001 में स्मृति ईरानी के साथ सात फेरे लिए।

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की लव स्टोरी

अपर्णा यादव की शादी मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव से हुई है। इनकी लव स्टोरी भी काफी रोचक है। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव दोनों एक दूसरे को स्कूल के समय से ही जानते थे। दोनों ने लखनऊ से ही पढ़ाई की है, हालांकि ये दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। इंटर स्कूल फंक्शन के दौरान इनकी एक दूसरे से मुलाकात होती थी, ये दोनों जब भी मिलते थे तो इनकी आपस में काफी बातें होती थी।

एक इंटरव्यू में अपर्णा ने बताया था कि पहले उन्हें ये पता भी नहीं था कि प्रतीक मुलायम सिंह यादव के परिवार से हैं। साल 2001 में दोनों की मुलाकात एक बर्थडे पार्टी में हुई। प्रतीक, अपर्णा को अपने दिल की बात कहना चाहते थे लेकिन वो समझ नहीं पा रहे थे कि कैसे वो अपने दिल का हाल उनसे बयां करें। उन दिनों मोबाइल फोन का भी उतना चलन नहीं था. ऐसे में बर्थडे पार्टी में प्रतीक ने अपर्णा से उनका ई-मेल आईडी मांगा।

ई-मेल आईडी देने के कुछ दिन बाद अपर्णा ने जब अपना मेल चेक किया तो वो हैरान रह गई. उनके मेल पर प्रतीक यादव के एक के बाद एक कई मेल आए हुए थे. इन मेल में प्रतीक ने अपर्णा के प्रति अपने प्यार का इजहार किया था।बस यहीं से दोनों का रिश्ता और मजबूत होने लगा और उनके प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी। इनकी प्रेम कहानी 10 सालों तक चली. दोनों परिवारों को इस प्रेम का पता चला।दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद अपर्णा और प्रतीक शादी के बंधन में बंध गए।

प्रियंका गांधी और राबर्ट वाड्रा की लव स्टोरी

प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा की प्रेम कहानी भी गांधी परिवार की चर्चित प्रेम कहानियों में से एक है। प्रियंका गांधी की रॉबर्ट वाड्रा से मुलाकात तब हुई जब वह 13 वर्ष की थीं। ये दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और दोनों की मुलाकात रॉबर्ट वाड्रा की बहन मिशेल वाड्रा के द्वारा हुई थी। तभी से दोनों एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए थे। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। बताया जाता है कि रॉबर्ट प्रियंका को खास ज्वैलरी तोहफे में दिया करते थे, जो कि उनकी खुद की फैक्ट्रियों द्वारा तैयार की जाती थी। धीरे-धीरे राहुल गांधी से भी वाड्रा की अच्छी दोस्ती हो गई।

रॉबर्ट वाड्रा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि हम तब मिले थे जब दिल्ली के ब्रिटिश स्कूल में पढ़ा करते थे। मुझे लगा कि वह मुझमें दिलचस्पी रखती हैं, लेकिन मैं नहीं चाहता था कि लोग इसके बारे में जानें, क्योंकि लोग इसे गलत तरह से लेते। वो प्रियंका गांधी की सादगी पर फिदा थे और उन्हें लगता था कि प्रियंका गांधी भी उनमें दिलचस्पी रखती हैं। 1997 में दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली थी।

संजय गांधी और मेनका गांधी की लव स्टोरी

संजय गांधी ने अपनी उम्र से 10 साल छोटी मेनका से शादी की थी। इनकी लव लाइफ भी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं थी। दोनों की मुलाकात एक पार्टी में हुई थी। संजय गांधी को मॉडल रहीं मेनका पहली नजर में ही पसंद आ गई थीं। मात्र 17 साल की उम्र में मेनका को पहला मॉडलिंग ब्रेक मिला था। एक विज्ञापन के लिए उन्होंने शूटिंग की थी। इसी विज्ञापन में मेनका को देखते ही संजय गांधी उन्हें दिल दे बैठे थे। दोनों की पहली मुलाकात मेनका की कजिन वीनू कपूर की शादी की पार्टी में 1973 में हुई थी। धीरे-धीरे फिर मुलाकातें बढ़ी। एक साल की रिलेशनशिप के बाद दोनों ने 1974 में शादी की थी।

मेनका की मां को ये रिश्ता पसंद नहीं था। लिहाजा, मेनका को उनकी दादी के घर भेज दिया गया। जुलाई, 1974 में मेनका वापस घर लौटीं और एक महीने बाद संजय से उनकी सगाई हुई। सिख परिवार में जन्मीं महज 18 साल की मेनका (26 अगस्त, 1956) से संजय गांधी ने 23 सितंबर, 1974 में शादी रचा ली। शादी के वक्त संजय मेनका से उम्र में 10 साल बड़े थे।उस दौर के राजनीतिक इतिहासकारों के अनुसार, उस समय देश की राजनीति में संजय और मेनका पावर कपल बनकर उभरे।

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