Wednesday, July 24, 2024
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Valentine’s Week Special : जानिए, दास्तान ए मोहब्बत की उन अमर कहानियों को आज भी इश्क ए दुनिया के लिए है मिसाल

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Valentine’s Week Special Love Stories : फरवरी का यह महीना इश्क़ ए दुनिया की यादों को ताज़ा तारीन करने का लम्हा है, ना जाने कितने आशिकों की महबूबा के बिछड़ने जुदा होने की कहानी को समेटे हुए इस महीने का आगाज़ होते ही इश्क ए माज़ी (अतीत) खुशनुमा दिन की याद दिलाता है, हालाकि इश्क, मोहब्बत , प्यार सिर्फ दो इंसानों के जिस्मों का मिलन नहीं बल्कि यह दो रूहों के एक हो जाने को ही मोहब्बत कहते हैं और और इसे सार्थक और आत्मसात करते हुए मोहब्बत की रूहानी एहसासों से लबरेज़ उन कहानियों को जानें जो आज भी दो प्रेमियों के बीच इतराती फिरती हैं और उनके अनोखे किस्से कहानियां इश्क ए दुनिया में अमर हों चुकी है।

Valentine’s Week Special : जानें अमर प्रेम कहानियों के बारें में

सलीम अनारकली

राजकुमार सलीम और नर्तकी अनारकली की प्रेम कहानी दुनियाभर में मशहूर है। इनकी असीम चाहत के बावजूद इनके प्यार को भी किसी ने स्वीकार नहीं किया और अनारकली को जिंदा दीवार में चुनवा दिया। कहा जाता है ये सिर्फ किस्सा था बल्कि उसको कहीं दूर भेज दिया गया था , खैर दूर रह कर दोनों में से कोई भी अच्छा जीवन जी नहीं सका।

बाजीराव मस्तानी

बाजीराव मस्तानी की प्रेम कहानी भी दिल को छू जाने वाली है, लेकिन इनके प्यार का अंत काफी दुख रहा। मराठा के बहादुर योद्धा बाजीराव को एक मुस्लिम नर्तकी मस्तानी से बेइंतहा प्यार हो गया। उन्होंने उससे शादी भी कर ली, पर बाजीराव से शादी करने के बाद भी मस्तानी को कभी भी कानूनी अधिकार नहीं मिला। जिस से बाजीराव हमेशा आहत रहे, कहा जाता है कि बाजीराव की मौत के बाद मस्तानी मे भी आत्महत्या कर ली थी।

शाहजहां मुमताज

ताजमल जो कि शाहजहां-मुमताज के प्यार का सबसे खूसबरत निशानी है। मुगल बादशाह शाहजहां कि वैसे तो कई बेगमें थी, लेकिन सबसे ज्यादा मुमताज से ही प्रेम करते थे। मुमताज के मरने के बाद शाहजहां ने उनकी याद में ताजमहल भी बनवाया, जो आज दुनियाभर में प्रेम की निशानी के रूप में मशहूर है।

पृथ्वीराज संयोगिता

कन्नोज की रानी संयोगिता और दिल्ली के राजा पृथ्वीराज इनकी प्रेम कहानी भी बेहद रोचक और दिल छू जाने वाली है। संयोगिता और पृथ्वीराज को एक दूसरे का चित्र देखते ही प्यार हो गया था, लेकिन संयोगिता के पिता इस विवाह के लिए राजी नहीं थे। अपने स्वयंवर में संयोगिता ने पृथ्वीराज की मूर्ति को वर माला पहनाई तो वो स्वयं प्रकट होकर उनको वहां से ले गए। इसके बाद उनको कई तरह की परेशानियां भी झेलनी पड़ी। लम्बे युद्ध के बाद मोहमद गौरी ने उन्हें धोखे से बंदी बना लिया और उनकी दोनों आंखे फोड़ दी। तब चौहान ने अदम्य साहस का परिचय देते अपने दोस्त चंद्रबरदाई की सहायता से शब्द भेदी बाण चलाये और उसको मार डाला फिर दोनों ने एक दूसरे की जान ले ली। इसके बाद संयोगिता भी वीरांगना की तरह सती हो गयी।

बाजबहादूर रुपमति

मालवा के सुल्तान बाज बहादूर को एक मामूली सी लड़की से प्यार हो गया। परिवार के खिलाफ होने के बावजूद भी उन्होंने गैरमुस्लिम रुपमति से विवाह करके दुनियाभर में मिसाल कायम की।

बिम्बिसार आम्रपाली

मगध के राजा बिम्बिसार युद्ध के दौरान घायल हो गए और उन्हें आम सैनिक समझकर वैशाली की नर्तकी आम्रपाली ने उनकी सेवा की। ऐसा कहा जाता है कि 400 रानियां होने के बावजूद भी आम्रपाली राजा की सबसे खास और प्रिय रानी थी।

हीर और रांझा

प्यार का जिक्र जब भी होता है उसमें हीर-राडआं का नाम जरुर आता है।अमीर घराने से ताल्लुक रखनेवाली खूबसूरती की मल्लिका हीर रांझा से बेहद प्यार करती थी, लेकिन हीर के घरवालों को दोनों का ये रिश्ता नागवार गुजरा और उन्होंने जबरन हीर की शादी करा दी। शादी के बाद भी दोनों के प्यार का सिलसिला बदस्तूर जारी रह। रांझा हीर के प्यार में फकीर बनकर उसके गांव जा पहुंचा, लेकिन इस प्रेम कहानी का अंत भी दोनों के मौत से हुआ।

मिर्जा साहिबा

जाट मिर्जा और मुस्लिम साहिबा को पढ़ाई के दौरान एक दूसरे से प्यार हो गया। इन दोनों के प्यार को साहिबा के भाईयों ने स्वीकार करने से मना कर दिया और मिर्जा को मार डाला। मिर्जा के मरने के बाद उसी तलवार से साहिबा ने खुद को मारकर आत्महत्या कर ली।

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